Inner Page Banner

जैविक खेती को बढ़ावा

अंतिम अद्यतन 07-06-2016, 14:15

जैविक खेती को बढ़ावा

जैविक खेती को बढ़ावा

घटक

उद्देश्य और सहायता का पैमाना

मसालों की जैविक खेती

जैविक उत्पादों के लिए बाजार ने धीरे-धीरे एक वृद्धि की प्रवृत्ति दर्ज की है, इसलिए उपयुक्त स्थानों में मसालों की जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए काफी गुंजाइश है। बोर्ड प्रति हेक्टेयर 12500/- रुपये की अधिकतम सीमा तक उत्पादन लागत की दिशा में 12.5% की इमदाद उपलब्ध करते हुए उत्पादकों को मसालों की जैविक खेती आरंभ करने के लिए मदद कर रही है।

आईसीएस समूहों के लिए सहायता

उत्पादक समूहों के जैविक प्रमाणीकरण के मामले में आईसीएस समूहों के लिए सहायता, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली [आईसीएस] को शिक्षित करने और जैविक खेती के तरीकों को अपनाने पर किसानों की निगरानी अनिवार्य है। बोर्ड आईसीएस विषय के रखरखाव की लागत का 50% या अधिकतम 75000/- रुपये की सीमा तक इमदाद प्रदान कर रहा है।

जैविक प्रमाणन

इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त करने में मसालों के उत्पादकों/ प्रसंस्करणकर्ताओं की मदद करना है, जो जैविक मसाले के विपणन के लिए एक अपेक्षित आवश्यकता है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बोर्ड किसानों के समूहों, गैर सरकारी संगठनों और किसानों की सहकारी समितियों/संघों को अपने खेतों/प्रसंस्करण इकाइयों के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करने में प्रमाणन की लागत के 50% या अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की इमदाद प्रदान करता है। व्यक्ति और प्रसंस्करणकर्ता प्रमाणन की लागत के 50% या अधिकतम 30,000 / - रुपये तक की इमदाद के पात्र हैं।

वर्मीकम्पोस्ट इकाइयां

जैविक उत्पादन में मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए खुद खेत में जैविक आदानों का उत्पादन करने की जरूरत है। उत्पादकों को जैविक कृषि आदानों, विशेष रूप से वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन करने में सक्षम करने के लिए, एक टन वर्मीकम्पोस्ट के उत्पादन के साथ एक इकाई स्थापित करने के लिए उत्पादकों को 33.33% इमदाद के रूप में 3000 / - रुपये प्रदान किया जाता है।

जैव कारक उत्पादन इकाई

इस योजना का उद्देश्य मसाला उत्पादक क्षेत्रों में जैव-कारक उत्पादन इकाइयों की स्थापना में सहयोग करने के द्वारा गुणवत्ता युक्त जैव नियंत्रण कारक अर्थात् ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास, ईपीएन, ब्यूवेरिया, वर्टीसिलियम आदि उपलब्ध कराना है। ये इकाइयां जैव-कारक उत्पादन इकाइयों को शुरू करने में रुचि रखने वाले उन उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र के रूप में भी काम करेंगी। तकनीकी क्षमता और विश्वसनीय रिकार्ड रखने वाले गैर सरकारी संगठन/स्वयं सहायता समूह/मसाला निर्माता सोसायटी/किसान समूह आदि योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं। बोर्ड जैव एजेंट उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए उपकरणों और सामानों तथा मदर कल्चर की लागत का 50% या प्रति इकाई अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की इमदाद प्रदान करेगा।

जैविक बीज बैंक

इसका उद्देश्य स्वदेशी किस्मों के अदरक और हल्दी के समृद्ध आंतरिक मूल्य और शाकीय मसालों की शुद्धता को बनाए रखने के लिए गुणवत्ता युक्त रोपण सामग्री के एक स्रोत के रूप में सेवा करने के लिए और रोपण सामग्री को बढाने के लिए उत्पादकों के खेत में जैविक बीज बैंकों की स्थापना करना है। मसाले की इन किस्मों के व्यक्तिगत उत्पादक, जो जैविक प्रमाणीकरण के अंतर्गत हैं, इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। बोर्ड स्वदेशी रोपण सामग्री की लागत के 50% के लिए अदरक और हल्दी किस्मों के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम 25,000/- रुपये तक की और शाकीय मसाले के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम 15000/- रुपये इमदाद के रूप में प्रदान करेगा।

संचालन की विधि/काम करने का तरीका

इच्छुक उत्पादकों को निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ मसाला बोर्ड के निकटतम कार्यालय को निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना होगा:-

‍1. जैविक कृषि

भूमि दस्तावेज, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते के प्रथम पृष्ठ की प्रतिलिपि, किसान के आवेदन के साथ प्रमाणीकरण एजेंसी के साथ निष्पादित अनुबंध की नकल

2. जैविक प्रमाणीकरण

क) दस्तावेज किसान के आवेदन के भाग-I के साथ जमा किए जाने वाले दस्तावेज-

प्रमाणीकरण एजेंसी के साथ किसान के निष्पादित अनुबंध की प्रति, प्रमाणीकरण की लागत की दिशा में प्रमाणन निकाय से प्राप्त कोटेशन/अनुमान, समूहों के मामले में, समूह के पंजीकरण का विवरण, समूह के किसान सदस्यों के विवरण, यानी नाम, पता, सर्वेक्षण सं., गांव, जैविक खेती के अंतर्गत क्षेत्र, मसाले के अंतर्गत क्षेत्र, आदि।

ख) आवेदन के भाग- II साथ प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज-

प्रमाणन निकाय द्वारा जारी किए गए क्षेत्र प्रमाण पत्र अर्थात् सी1, सी2, सी3 या (रूपांतरण में) या अनुबंध / अनुलग्नकों के साथ जैविक स्थिति (जैसा भी मामला हो) की प्रतिलिपि। निरीक्षण और प्रमाणन प्रभार के भुगतान के लिए प्रमाणन निकाय से प्राप्त चालान / कैश रसीद

3. जैव कारक उत्पादन

गैर सरकारी संगठनों / स्वयं सहायता समूहों / मसाला निर्माता सोसायटी / किसान सदस्यों की सूची गांव, कुल क्षेत्र और मसाले के अंतर्गत क्षेत्र का संकेत करते हुए समूह। गैर-सरकारी संगठन के रूप में पंजीकरण युक्त उनकी प्रोफ़ाइल, संचालन के क्षेत्र, कृषि कार्यक्रमों को लागू करने में अनुभव के विवरण आदि। [अगर इकाई किसी उत्पादकों में से किसी एक सदस्य की भूमि/भवन में स्थापित की जा रही है, तो समूह और सदस्य उत्पादक के बीच इमारत का उपयोग करने के लिए एक समझौता प्रस्तुत किया जाएगा।] इकाई की स्थापना के लिए लागत के अनुमान के साथ एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, इकाई के लिए खरीदे जाने वाले उपकरणों/औजारों के लिए प्रतिस्पर्धी मूल्य का कोटेशन। जैव कारकों के उत्पादन का प्रबंधन करने के लिए योग्य कर्मचारियों के विवरण। इमारत की योजना और उपकरणों की स्थापना के लिए नक्शा। गैर सरकारी संगठन/स्वयं सहायता समूह/समूह/एसपीएस के बैंक खाते के प्रथम पृष्ठ की प्रतिलिपि, परियोजन रिपोर्ट, परमिट आदेश के जारी होने के बाद बोर्ड के साथ किए जानेवाले समझौता ज्ञापन।

4. वर्मीकम्पोस्ट इकाई

भूमि कर की रसीद/पर्चा/ चिट्टा अडांगल,आदि जैसे जमीन के दस्तावेज

पहचान के प्रमाण की प्रति मतदाता पहचान पत्र को वरीयता

बैंक खाते के पहले पृष्ठ की प्रतिलिपि

5. आर्गेनिक बीज बैंक

गुंजाइश प्रमाण पत्र के साथ-साथ किसान को जैविक उत्पादक साबित करने के लिए आईसीएस से एक पत्र

मसाला बोर्ड के पदाधिकारी प्रत्येक आवेदन की जांच करेंगे और क्षेत्र कार्यालय के ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से मंजूरी के लिए उपयुक्त अनुदान के लिए आंचलिक सहायक निदेशक/उप निदेशक, प्रादेशिक कार्यालय से सिफारिश करेंगे। स्वीकृत मामलों को मुख्यालय भेजा जाएगा और अनुदान ई-भुगतान के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते (कोर बैंकिंग) में जमा किया जाएगा। आंचलिक सहायक निदेशक/प्रादेशिक उप निदेशक यादृच्छिक रूप से सिफारिश किए गए मामलों की जांच करेंगे।