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सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम

अंतिम अद्यतन 07-06-2016, 14:18

सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम

सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम

घटक

उद्देश्य और सहायता का पैमाना

मसाला उत्पादक सोसायटी

बोर्ड मसाला उत्पादक सोसायटी के गठन को प्रोत्साहित करता है और ये सोसायटियां, सोसायटी के सदस्य किसानों में जानकारी के प्रसार के लिए के प्रमुख केन्द्रों एवं बोर्ड और किसानों को जोड़ने के पुल का रूप में कार्य करेंगी। सुसज्जित होने पर, ये सोसायटियां, सामूहिक रूप से जैविक खेती, प्राथमिक प्रसंस्करण का काम कर सकती हैं, जो परंपरागत मसाले के लिए भी किया जा सकता है। इसी तरह इन समितियों के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की जा सकती है। मसाला उत्पादक समितियों का गठन (एसपीएस) के अलावा, बोर्ड पूरे मसालों के लिए प्राथमिक स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देता है। पंजीकृत एसपीएस को पूरे (खड़े) मसाले की सफाई, सुखाने, ग्रेडिंग और पैकिंग के लिए लागत का 50% की दर से प्रति एसपीएस अधिकतम 6 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। जीएपी और जीएमपी के गुणवत्ता का पालन करते हुए मसालों के उत्पादन से उन्हें अपनी उपज के लिए एक वर्द्धित मूल्य पाने में मदद मिलेगी। पीछे की कड़ी, बिचौलियों की भूमिका को नष्ट कर निर्यातकों द्वारा प्रत्यक्ष खरीद से एक बेहतर कीमत वसूली के लिए एसपीएस को जोड़ा जा सकता है। ये समूह मसालों के बारे में पता लगाने की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख समूहों के रूप में कार्य कर सकते हैं।

संचालन की विधि/काम करने का तरीका

एसपीएस सहायता प्राप्त करने के लिए बोर्ड के निकटतम कार्यालय को कोटेशन के साथ एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। बोर्ड के प्रभारी अधिकारी व्यवहार्यता का आकलन करेंगे और मुख्यालय से इनकी सिफारिश करेंगे। मुख्यालय सुविधाओं की स्थापना/खरीद के लिए परमिट आदेश जारी करेगा। स्थापना/सेट अप के पूरा होने पर, बोर्ड एसपीएस के बैंक खाते में ई-भुगतान के माध्यम से उपयुक्त सहायता अनुदान का भुगतान कर देगा