Inner Page Banner

संघटन

अंतिम अद्यतन 28-12-2015, 12:18

संघटन

 

संघटन

 

मसाला बोर्ड का गठन मसाला बोर्ड अधिनियम 1986 (1986 की सं.10) के अधीन पूर्ववर्ती इलायची बोर्ड (1968) और मसाला निर्यात संवर्धन परिषद (1960) के विलयन से 26 फरवरी 1987 को हुआ । मसाला बोर्ड, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन प्रवृत्त पाँच पण्य बोर्डों में से एक है । यह एक स्वायत्त निकाय है, जो अनुसूचित 52 मसालों के निर्यात संवर्धन और इलायची(छोटी और बड़ी) के विकास हेतु उत्तरदायी है ।

 

मुख्य कार्य

छोटी व बड़ी इलायची के अनुसंधान, विकास और घरेलू विपणन का विनियम

सभी मसालों के फ़ासलोत्तर सुधार

मसालों के जैविक उत्पादन का संवर्धन, प्रसंस्करण और प्रमाणन

उत्तर-पूर्व में मसालों का विकास

गुणवत्ता मूल्यांकन सेवा प्रदान करना

तकनोलोजी उन्नयन

गुणवत्ता उन्नयन

ब्रैंड संवर्धन

अनुसंधान और उत्पाद विकास केलिए सहायता के ज़रिए सभी मसालों का निर्यात संवर्धन

 

मसालों के निर्यात संवर्धन से संबधित अन्य उत्तरदायित्व :

गुणवत्ता प्रमाणन और नियंत्रण

निर्यातकों का रजिस्ट्रीकरण

व्यापार सूचना का संग्रहण और दस्तावेजन

मसालों के आयात और निर्यात से संबंधित नीति मामलों पर केंद्र सरकार को सूचना प्रदान करना

 

बहुमुखी कार्यकलाप

 

  • मसालों व मसाले उत्पादों का निर्यात संवर्धन

  • निर्यातों की गुणवत्ता की रखरखाव व मानीटरिंग

  • वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकीय एवं आर्थिक अनुसंथान के ज़रिए बेहतर उत्पादन तरीकों का विकास और कार्यान्वयन

  • वैज्ञानिक कृषीय प्रथाओं के ज़रिए अधिकतर और बेहतर गुणवत्तायुक्त उपजों की प्राप्ति हेतु किसानों को मार्गदर्शन

  • कृषकों को वितते एवं सामाग्री वितरण समर्थन की व्यवस्था

  • मसालों के जैव उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहन

  • प्रसंस्करण व मूल्य योजन हेतु अवसंरचना का सरलीकरण

  • सभी मसाला निर्यातकों का रजिस्ट्रीकरण व अनुज्ञप्तीकरण

  • बेहतर प्रसंस्करण कार्यों, सुस्पष्ट गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों, सुधरी ग्रेडिंग तरीकों और प्रभावी पैकेजिंग तकनीकों पर अध्ययन और अनुसंधान केलिए सहायता

  • निर्यातकों और आयातकों के हित केलिए कई प्रकार के माध्यमों में सनवरधनात्मक और शिक्षाप्रद सामग्रियां तैयार करना

 

निर्यातकों/आयातकों केलिए सेवाओं का पाइकेज

  • आपसी संबंध स्थापित करने में आयातकों और निर्यातकों की मदद

  • आयातकों की विशेष अपेक्षाओं हेतु सक्षम सप्लाई स्रोतों की पहचान

  • विश्वसनीय निर्यातकों को विदेशी व्यापार पूछताछों का प्रक्रमण और अग्रेषण

  • विश्व मसाला कॉंग्रेस के ज़रिए भारतीय निर्यातकों और अंतर्राष्ट्रीय क्रेताओं के बीच लेन-देन केलिए सामान्य मंच का आयोजन

  • सुधारक और निवारक कार्य केलिए आयातकोंसे प्राप्त प्रत्येक शिकायतों की जांच

  • भारतीय मसालों केलिए गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम की अगुवाई

  • आयातकों और निर्यातकों केलिए बृहद और अधुनातुन दित्ता बैंक का प्रबंधन

  • संपर्क दल कार्यक्रमों के ज़रिए अंतर्राष्ट्रीय निकायों, निर्यातकों एवं नीति निर्माताओं को साथ-साथ लाना

  • प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मेलों में, खाद्य मेलों व पाक प्रदर्शनों का आयोजन करते हुए, भारत की उपस्थिति महसूस कराना